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लडकियों व महिलाओं के प्रति हिंसा- 

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा 2012 में जारी की गई रिपोर्ट स्पष्ट हो जाता है कि देश भर में हर किस्म के अपराधों में निरन्तर वृध्दि हो रही है। एक सभ्य समाज के लिए आवश्यक है कि इन बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाया जाए ताकि हर व्यक्ति बिना खौफ व खतरे के अपनी क्षमता अनुरूप प्रगति करने के माहौल से लाभान्वित हो सकें!

आज पहले के मुकाबले महिलाएं कार्यस्थलों पर अधिक दिखाई देने लगी हैंए खासकर महानगरों में! उनकी सुरक्षा के इंतजाम करना भी बहुत जरूरी है! लेकिन अफसोस की बात यह है कि जिन महानगरों को महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित समझा जाता है वहीं वह अधिक असुरक्षित हैं खासकर दिल्ली,मुंबई व बेंग्लुरु, लखनऊ जैसे महानगर!

इस संदर्भ में जल्द ठोस कदम उठाना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट में भी सभी अपराधों को संज्ञान में नहीं लिया जाता है क्योंकि बहुत से अपराधों की शिकायत ही नहीं की जाती है या पुलिस उनको दर्ज ही नहीं करती है! खास कर  बलात्कार और छेड़छाड़ के मामलों को सामाजिक कलंक की वजह से पुलिस रिकार्ड में में दर्ज ही नहीं कराया जाता है!

जैसा कि ब्यूरो के डाटा के अनुसार दिल्ली में लिखित व फोन के जरिए जिसमें हेल्पलाइन भी शामिल हैं! 20,99,170 शिकायतें प्राप्त हुई थीं] लेकिन इनमें से केवल 60,391 को ही केस के रूप में दर्ज किया गया। इसी तरह महाराष्ट्र में 9,43,994 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से सिर्फ 3,33,680 को ही केस के रूप में दर्ज किया गया!

1990 में महिलाओं के विरुद्ध दर्ज की गयी अपराधों की कुल संख्या का आधा हिस्सा कार्यस्थल पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न से संबंधित था] कार्यसथल पर छेड़छाड व हिंसा को रोकने हेतु 1997 में एक ऐतिहासिक फैसले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यस्थल में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक मजबूत पक्ष लिया और वर्तमान में इस पर एक कानून भी बनाया गया।

तकनीकि सोंच

हमारा मानना है कि इस धरती के हर स्त्री पुरूष को आजादी से सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है! पर चिन्ता की बात यह है कि आज महिलाओं  और लडकियों को शहरों में बढ रही उनके प्रति हिन्सात्मक घटनाओं ने जीना तबाह कर दिया है आय दिन शहरों में महिलायें  और लड़कियां किसी न किसी प्रकार की हिंसा की शिकार हो रही है।

हम अकेले उ0प्र0 राज्य के पुलिस के 2012 आकडे देखे तो आकडे यह कर रहे है कि प्रदेश में करीब 25,000 मामले महिलाओं के प्रति हिंसा के है जिसमें से 1,452 विभिन्न प्रकार के महिला हिंसा के मामले 11 बडे शहरों से आये है जो कि अपने आप में बहुत ही चिन्ता की बात है! इसके साथ हम सबको यह भी पता है कि शहरा में महिलाओं  और लडकियों के साथ विभिन्न प्रकार के हिंसा के मामले सामने नहीं आ पाते है!

रेड़ अलर्ट एक तकनीकि प्रयास

एक छोटे से तकनीकि प्रयास के द्वारा हम शहरों जिसमें खासकर लखनऊ में महिलाओं  और लडकियों के साथ विभिन्न प्रकार के हिंसा के मामलों को एक साथ एक ओपेन प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास करेंगे। जिससे कि घटना की जगह और  प्रकार को चिन्हित कर सरकार के सामने प्रस्तुत किया जा सके और ब्यापक पैरोकारी की रणनीति बनायी जा सके। इस तकनीकि के द्वारा महिलायें/ लड़कियो अपने आप को सुरक्षित रखने हेतु उन स्थानों को चिन्हित कर सकते है जहा पर ज्यादा घटनायें होती है!

यह क्या है औेर कैसे काम करता है

यह एक आनलाईन आपेन स्रोर्स प्लेटफार्म है जो कि शहरों में  महिलाओं और लडकियों के साथ होने वाली हिसा की रिपोर्ट को रिर्पोट दर्ज होने के बाद मैप में रेड कलर में मैप करता है और रिपोर्ट की जगह और समय तथा रिपोर्ट के प्रकार को भी बता देता है जिसे कोई भी वेबसाईट को लागिन कर देख सकता है!

कैसे दर्ज होगी रिपोर्ट

चरण प्रथम. शिकायत दर्ज करने के माध्यम या सो्त

1     वेबसाईट के द्वारा-https://safecity4womenandgirl.crowdmap.com

2     इेमेल के द्वारा-praveshmasvaw@sahayogindia.org or  safecityalert@gmail.com

3     मोबाईल से मैसेज के द्वारा- 08948508727

4     फेसबुक के पेज पर- https://www.facebook.com/safecityforgirlsandwomen

चरण दूसरा-शिकायत दर्ज करने के लिए निम्न तरीका अपनायें-

1  घटना का स्थल का नाम जिसमें कि शहर] क्षेत्र] व जिला का नाम

2  आपके साथ हुई घटना का विवरण

3  घटना का प्रकार जैसे कि छेडखानी, कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन आदि

4 रिपोर्ट दर्ज करने वाले व्यक्ति  का नाम और सम्पर्क नम्बर

चरण तीसरा-  दर्ज शिकायत की स्वीकृति देना

1 शिकायत दर्ज होने के बाद हमारे द्वारा उसे स्वीकृति देना

2 स्वीकृति देने के उपरान्त आप की शिकायत मैप में आ जायेगी

3 मैप में आने के बाद कोई भी https://safecity4womenandgirl.crowdmap.com  देख सकता है

कुछ महत्वपूर्ण बातें-

1 जरूरी नही है कि आपका नाम पता आनलाईन किया जायेए न ही कोई यूजर नेम और पासवर्ड की कोई आवश्यकता है और यह सेवा पूर्णतया फ्री है!

2 इस तकनीकि प्रयास के द्वारा हम हिन्सात्मक घटनाओं को एक साथ लाने का प्रयास करते हैए इस प्रयास का कोई राजकीय सम्बन्ध नही है इसे स्वयं सेवी संगठनों] युवा समूहो ब्यक्तिगत लोगों के सहयोग से चलाया जा रहा है। कानूनी या पुलिस की मदद के लिए आपको कानून या पुलिस के पास जाना होगा!

3 हम आपके द्वारा दर्ज शिकायत को लेकर सम्बन्धित अघिकारी और सरकार के साथ पैरोकारी करए हिसां की घटनाओं के स्थान पर विशेष सुरक्षा देने व महिलाओं व लडकियों के प्रति एक शान्तिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण का निर्माण बनाने का प्रयास करेगे

  •  आपके सहयोग और हमारे संयुक्त प्रयास से आओं बनाये एक हिंसा मुक्त शहर!!